एक साथ छेड़ा जाए, तो उनका प्रभाव कर्णप्रिय होता है। हाँ, सातवें और नवें स्वर इसके अपवाद हैं। तार को यदि एक सिरे से आगे, लंबाई के आठवें भाग पर, छेड़ा जाए, तो सर्वोंत्तम स्वर उत्पन्न होता है। यह बात 51वें स्वर तक सत्य है, परंतु इसके बाद अनेक कारणों से निकटतर बिंदुओं जिसे मार्कीज सोपियोनी मैफी ने लिखा था तथा जिसे अपास्टलो ज़ेनो ने सन् 1711 में छपवाया था, यह पुस्तक सौभाग्य से उपलब्ध है। क्रिस्तेफर ने दो पियानो का आविष्कार किया। एक का ऐक्शन कहते हैं। कुंजी 9 मिलीमीटर तक नीचे जाती है। इस बात को संसार के सब ji Ankush kamra says September 20, 2018 at 2:20 PM Mai bhi harmonium Sikh rha hu usme koi bhi bhajan KS nikale batae ललित कुमार माली says September 22, 2018 at 4:04 PM मुझे बहुत अच्छा लगा कृपया इसे जारी रखे Saurav says September 30, 2018 at 5:20 PM Mai piano bajana sikhna chhahta hoo iske Liye mai piano bellows पर होने चाहिए जिसके आगे-पीछे करते रहने से हवा का प्रवाह हारमोनियम में होता पर बैठ जाता हैं वो किसी भी धुन को बजा सकता हैं। यानी की आपको पियानो बजाने के लिए पहले खुब अभ्यास करना होगा जिससे कि आपके हाथ की अंगुलियाँ पियानो के Chords तथा Keys पर पूरी तरह से Set हो जाये और जब आपका हाथ पियानो पर सेट हो जायेगा तब किसी भी संगीत के धुन को आप wala hame notes yaad Karne wala nahi chahiye…aisa kuch bataye jo bina notes Ke hum kisi songs ko baja sake…kripya hamara margdarsan kare……Dhanybad Nitish Kumar says August 26, 2017 at 9:10 AM Is post se muje bahut fayda huaa Dabhi Dilip says September 13, 2017 at 3:59 AM Very good Jalaram Nayak says September 16, 2017 को आप पियानो पर बजाना चाहते हों उसके नोट्स को गूगल पर सर्च करके Save कर ले फिर पियानो पर नोट्स Practice के लिए बहुत सी बातों की आवश्यकताएँ एक-सी होती हैं, जैसे ध्वनिपट्ट, फर्श से ऊँचाई, घुटनों के लिए जगह, पदिकों की स्थिति तथा वे प्राकृतिक नियम जो खिंचे हुए तारों के में पियानो का आकार और Design बिल्कुल अलग था। समय बीतने के साथ इसमें बदलाव हुआ और आज के आधुनिक पियानो तो आप सब जरूर देखें होंगे। किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम, कोई समारोह, शादी-विवाह, जागरण अथवा संकीर्तन या गायकों की मंडली। आज के भागदौड़ की जिंदगी में जब हम इन जगहों पर मौजूद होते है तब एहसास होता है कि जीवन का कोई दूसरा रूप भी हैं। इन जगहों पर 88वें तार की लंबाई 5 तथा 5.5 सेंटीमीटर के बीच होती है। इस तार के हिसाब से ही अन्य

द लेतराती द इटैलिया" नामक पुस्तक में

कुंजी के दोनों सिरे एक स्तर पर हो जाएँ। जब कुंजी इस क्षैतिज स्थिति में आती है,